Saturday, December 24, 2011

बचाएं अपना facebook अकाउंट

फेसबुक जबर्दस्त स्पैम अटैक की चपेट में है। पिछले दो दिनों से लोगों को अपने वॉल पर अश्लील विडियोज के लिंक मिल रहे हैं। बेशक ऐसे में आपको अपने अकाउंट का खयाल रखने की जरूरत है :


इस जबर्दस्त स्पैम अटैक में यूजर्स के प्रोफाइल पर अश्लील लिंक शेयर किए जा रहे हैं। इसमें लोगों की प्रोफाइल पर उनके फ्रेंड्स की प्रोफाइल से अश्लील लिंक शेयर किए जा रहे हैं। साथ ही मेसेज है कि आप इस विडियो को पूरा नहीं देख सकते। जाहिर है , ऐसे में लोगों को एक बार विडियो देखने का मन जरूर होता है। फिर जैसे ही लोग लिंक पर क्लिक करते हैं , तो वह लिंक उनके फे्रंड्स लिस्ट में शामिल सभी को शेयर हो जाता है। इस तरह यह सिलसिला तेजी से फैल रहा है।

परेशान हैं यूजर्स

जाहिर है , अश्लील लिंक वाले इस स्पैम अटैक से यूजर्स बेहद शर्मिंदा और परेशान हैं। खासकर ऑफिस में जो अपना अकाउंट देख रहे हैं , उनके साथ परेशानी ज्यादा है। परेशान लोग प्रोफाइल पर इस प्रॉब्लम को शेयर कर रहे हैं। हर तीसरे एफबी अकाउंट के प्रोफाइल पर यह लिखा दिख रहा है कि यह लिंक मैंने शेयर नहीं किया है। यह स्पैम अटैक है। इसके लिए मुझे माफ करें।

ऐसे बचें

अगर फेसबुक बार - बार होने वाले इन स्पैम अटैक से नहीं निपट पा रहा , तो बेशक आपको अपनी सेफ्टी खुद ही करनी होगी। बेहतर होगा कि आप सोशल साइट पर किसी अनजान विडियो या लिंक को क्लिक करें ही ना। खासकर ऐसे लुभाने वाले लिंक पर कतई क्लिक करें , जिन लिखा हो कि आप उन्हें नहीं देख सकते। इसके अलावा , आप अपनी प्राइवेसी सेटिंग में जाकर किसी और के आपकी प्रोफाइल पर कुछ भी पोस्ट करने के ऑप्शन को बंद कर दें। साथ ही , फेसबुक के सेफ्टी रूल्स को भी फॉलो करें।

- क्लिक करें अनजान लिंक

- अपनी वॉल को करें प्राइवेट


- फॉलो करें फेसबुक के सेफ्टी रूल्स

भविष्यवाणी: ठीक नहीं हैं वर्ष 2012 के लक्षण

विश्व के जाने-माने पर्यावरणविदों, वैज्ञानिको और पृथ्वी पर लगातार नजर रखने वाले अंतरिक्ष अनुसंधानकर्ताओं ने चेताया है कि वर्ष 2012 में अनेक प्राकृतिक घटनाएं घटित होंगी, जिसमें पृथ्वी की स्थिति बदहाल हो जाएगी। इन सभी चेतावनियों पर अगर अभी से ध्यान नहीं दिया गया और सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए तो हो सकता है 6 अरब की दुनिया की आबादी में से 1 अरब के करीब मानव काल के शिकार हो जाएंगे।

ग्लोबल वॉर्मिंग का खतरा
वैज्ञानिकों की लगातार चेतावनी के बावजूद दुनिया के विकसित और विकासशील देशों में से किसी को चिंता नहीं कि धरती का वातावरण लगातार कितना गर्म होता जा रहा है। अल गोर और लियो डि कैप्रियो ने पिछले काफी समय से चेताया है कि जंगलों को बचाएं। खेती के अस्तित्व को कायम रखें, पानी का कम प्रयोग करें और इसे गंदा नहीं करें। दैनिक प्रयोग की सामग्री को इकोफ्रेंडली वस्तुओं का इस्तेमाल करें। हम जानते है कि इन नियमों पर किसी ने गौर नहीं किया और न ही अमल हो रहा है। अतः परिणाम भुगतने को तैयार रहें।

प्राकृतिक आपदाएं और भगवान का कहर
सभी जानते है कि पिछले तीन-चार सालों में लगातार दर्जनों भूकंप, समुद्री तूफान, सूनामी, बाढ़ जनित प्रकोप, आतंकवादी आक्रमण और ज्वालामुखी का फटना, जमीन, सड़कों और इमारतो का नीचे धंसना, अनेक नदियों का बेकाबू होना और बादल फटने जैसी घटनाएं ईश्वरीय प्रकोप की चेतावनी हैं। ये हमें बता रही हैं कि प्रकृति के पास सजा देने के पूरे इंतजाम हैं। वर्ष 2012 में इस प्रकार की घटनाएं बड़ी तादाद में होंगी। साल की शुरुआत ही ऐसी किसी जनसंहारक घटना से होगी। यह भारत या दुनिया के किसी भी कोने में भी हो, खतरे में तो मानव समूह ही आएगा। साल में लगने वाले 4 सूर्य/चंद्र ग्रहण भी इसकी चेतावनी दे रहे हैं। हालांकि, इनमें से भारत में एक ही ग्रहण दिखाई देगा बाकी सब यूरोप और अमेरिका में अपना प्रकोप दिखाएगे।

विस्फोटक हो जाएगा जन आक्रोश
हाल के वर्षों व 2011 में मिस्र और अरब देशों ने उन जन आंदोलनों और बगावतों को देखे जिनके चलते वहां पर सालों से काबिज तानाशाहों को उखाड़ फेंका गया या मार डाला गया। लीबिया की जनक्रांति में गद्दाफी का संहार, वॉल स्ट्रीट पर कब्जा जमाने का आंदोलन, लंदन के दंगे, भारत में अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन और बाबा रामदेव का ब्लैक मनी के खिलाफ आंदोलन भी उन भयावह जन आक्रोश की चेतावनी दे रहे हैं जो 2012 में एक विस्फोटक रूप ले सकते हैं। इसके चलते आने वाले वक्त में केन्द्र और राज्य सरकारें पलट सकती हैं। इसी तरह 2012 में दुनिया भर में आर्थिक मंदी का कहर, बेरोजगारी, तंगहाली, भ्रष्टाचार और सामाजिक असुरक्षा से जूझ रहे लोगों के बीच कभी भी लावा फूट सकता है बस एक चिंगारी भड़काने की देर है।

कुछ मशहूर हस्तियां साथ छोड़ देंगी
जिस तरह हमने 2011 में दुनिया की कुछ नामी हस्तियों को खोया, वैसी अनेक घटनाएं 2012 में होंगी। हम दुनिया के विकास में क्रांति लाने वाले कुछ लोगों को खो सकते हैं। वर्ष 2011 में स्टीव जॉब्स चले गए। फिल्मी हस्ती देवानंद का निधन हुआ। आध्यात्मिक शख्सियत सत्य साईं बाबा नहीं रहे। नवाब पटौदी नहीं रहे। गजल सम्राट जगजीत सिंह नहीं रहे। एलिजाबेथ टेलर और अन्य कई साहित्य तथा कला जगत ही हस्तियां भी हमें छोड़कर चली गईं। यह भी एक संयोग है कि 2011 में ही कुख्यात ओसामा बिल लादेन मारा गया। लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी को विद्रोहियों ने मौत के घाट उतार दिया। उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग इल नहीं रहा। अब 2012 की बारी है जब कुछ अच्छे और बुरे लोग अपनी अंतिम दशा को प्राप्त होंगे।

नास्त्रॉदमस और माया कैलेंडर की भविष्यवाणी
यह बात कोई अजूबा नहीं होगी कि पिछले तीन-चार साल से माया कैलेंडर समेत भारत का वैदिक ज्योतिष, बाइबल और नास्त्रॉदमस महाविनाश की चेतावनी दे रहा है। किसी पाश्चात्य अमेरीकी ज्योतिषी ने भी अभी 2011 में ही अगले एक-दो वर्षों के भीतर धरती के प्रलय अथवा महाविनाश की बात कही है। औरों की बात छोड भी दें तो ज्योतिषी नास्त्रॉदमस की तो द्वितीय विश्व युद्ध 1942, 1947 में भारत की आजादी, 1966 में लंदन अग्निकांड, 2001 मे 9/11 का अमेरीका पर हमला जैसी भविष्यवाणी तो शत-प्रतिशत सही हुई। उनकी किताब में 2012 और 2013 को भी खतरे के निशान पर चिह्नित किया है।

सूनामी का आक्रमण
पृथ्वी के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने वाली अमेरीकी भौतिक और खगोलीय अनुसंधान की संस्था नासा ने 2006 में बताया था कि धरती के चुंबकीय ध्रुव यानी नॉर्थ और साउथ पोल के भीतर धरती की प्लेटें लगातार अपनी जगह से खिसकती जा रही हैं जिसके चलते समुद्रतटीय देश जापान, कोरिया और मध्य पूर्व के देशों में कभी भी भंयकर सूनामी का आक्रमण हो सकता है। इसका प्रमाण वर्ष 2011 में जापान की सूनामी है जिसके कारण हजारों लोगों को समुद्री बाढ़ का कहर झेलना पड़ा। इस बारे में नासा सचेत किया है कि 2012 अथवा 2013 में एक नहीं बल्कि कई प्लेटें खिसकने से प्रलय के नजारे देखने को मिल सकते हैं। नासा लगातार पृथ्वी में वातावरण और आकाशीय उथल-पुथल पर नजर रखे है पर कुछ दुर्घटनाओं की वह सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकता लेकिन चेतावनी भी काफी है।

खतरे में मेट्रो और पहाड़
उत्तराखंड, नेपाल, सिक्किम, भूटान, नॉर्थ-ईस्ट के राज्य और अफगानिस्तान में हिंदुकुश की पहाड़ियां गहन भूकंप जनित क्षे़त्र है। इनमें से कहीं वर्ष 2012 में मार्च से लेकर जून और अक्टूबर-नवंबर तक लगातार तीव्र भूकंप आ सकते हैं। इनका दुष्प्रभाव बड़े-बड़े महानगरों की उन अट्टालिकाओं पर पड़ेगा जिनको अंधाधुंध विस्तार के दायरे में लाया गया है।

मंदी को झेलना मुश्किल होगा
अगर भारत, चीन जैसे कुछ कृषि प्रधान देष 2012 से आगे तक चलने वाली विश्वव्यापी आर्थिक मंदी को झेल जाएं तो बात अलग है। लेकिन दूसरों के भरोसे रोटी खाने वाले अनेक देशों में आम लोग भीषण महंगाई की मार से त्रस्त रहेंगे। इसके चलते जहां अनेक देशों का विकास कार्य टल जाएगा, परस्पर व्यापार के रास्ते भी रुक जाएंगे। सोना, चांदी सहित मूल्यवान धातुओं पर गाज गिरेगी, तो पानी और पेट्रोल एक ही भाव बिकेंगे। यह सब जनता को उग्र करेगा और लूटपाट व छीना-झपटी आदि बढ़ेंगी। लचर कानून व्यवस्था और कुशासन सभी के लिए कष्टदायक वक्त का परिचायक होगा।
वैसे, भी सन् 1913 में ही दुनिया में पहले विश्वयुद्ध की नींव पड़ी थी, जो कि 2014 में शुरू हुआ था। दुनिया का कोई भी अमीर और साधन संपन्न देश 2012 से अपने आधुनिक हथियारो को कहीं पर भी आजमाइश के तौर प्रयोग में ला सकता है। सबसे बड़ आक्रामक चीन, पाकिस्तान, अमेरिका या फिर नाटो का कोई भी हो सकता है, जो किसी भी बहाने तीसरे विश्वयुद्ध को दावत दे सकता है। माया कैलेंडर और कुछ अन्य ज्ञात-अज्ञात दैवज्ञ इसकी परिकल्पना करते रहे हैं।

Sunday, November 20, 2011

ईन्टरनेट कनेक्शन का गती कैसे बढाएं?

Windows के OS मे ईनटरनेट का स्पिड/बैंडविड्थ कुछ चिजों के लिए रिजर्व होता है जिसे सायद ही हम कभी ईस्तेमाल करते हैं।

अगर तरक्की चाहीए तो रिजर्वेशन हटाना होगा। ईसे आप अपने कंप्युटर मे एसे हटा कर ईन्टरनेट का गती बढा सक्ते हैं।


Start Menu >> Run >> Type: regedit अब ओके दबा दें और अब यहां जाएं।
HKEY_LOCAL_MACHINE\SOFTWARE\Microsoft\Windows\CurrentVersion\Explorer\RemoteComputer\NameSpace

अब NameSpace के आगे जब आप + पर क्लिक करेंगे तो दो फोल्डर देखेगा "{2227A280-3AEA-1069-A2DE-08002B30309D}" और "{D6277990-4C6A-11CF-8D87-00AA0060F5BF}" आप ईन दोनो को डिलीट कर दें और फिर कंप्युटर को Reboot कर दें।

Screenshot: ईसमे आप देख सकते हैं की मैने ये दोनो फोल्डर डिलीट कर दिया है।
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Wednesday, July 20, 2011

जब जोड़ना हो दो कंप्यूटरों को



अगर आपको घर में दो कंप्यूटरों में डेटा ट्रांसफर करना हो तो जरूरत है तो सिर्फ एक केबल (तार) की, जिसे ईथरनेट क्रॉसओवर केबल कहते हैं। दोनों कंप्यूटरों में नेटवर्क कार्ड भी होना चाहिए, जो आज लगभग हर कंप्यूटर में पहले से ही लगा आता है। अगर आपके दोनों कंप्यूटरों में विंडोज का कोई-न-कोई वर्जन इन्स्टॉल्ड है तो उन्हें आपस में कनेक्ट करना चुटकियों का काम है।

ऐसी स्थितियां और भी आती हैं, जब आपको दो कंप्यूटरों को जोड़ने की जरूरत पड़ सकती है। मिसाल के तौर पर एक कंप्यूटर को पूरी तरह साफ (फॉर्मैट और रि-इन्स्टॉल) करने से पहले आप चाहेंगे कि उसका सारा डेटा किसी सुरक्षित जगह पर कॉपी कर लिया जाए। एक ग्राफिक डिजाइनर, जो एक कंप्यूटर में ग्राफिक्स के भारी-भरकम सॉफ्टवेयर रखता है और दूसरे में अपने कारोबार से जुड़ी फाइलें, भी ऐसी कनेक्टिविटी चाहेगा। या फिर कोई छोटा बिजनेसमैन, जिसके दफ्तर में दो कंप्यूटर हैं और उनके बीच फाइलों के लेनदेन की जरूरत पड़ती रहती है। किसी अफसर और उसके सेक्रेट्री के कंप्यूटरों को भी आपस में कनेक्ट करने की जरूरत पड़ सकती है तो दो छात्रों को होमवर्क शेयर करने के लिए भी। और हां, अगर दो भाई-बहनों को नेटवर्क गेम (जिनमें खिलाड़ी अलग-अलग कंप्यूटरों पर रहते हुए एक ही गेम में कम्पीट करते हैं) खेलने हैं तो फिर फ्लैश ड्राइव या एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव भी कुछ नहीं कर सकती। दोनों कंप्यूटरों को कनेक्ट करना ही पड़ेगा।

क्रॉसओवर केबल
अगर आपने कभी इंटरनेट कनेक्शन या नेटवर्क कनेक्शन का इस्तेमाल किया हो तो आपने यह केबल जरूर देखी होगी। इसके दोनों सिरों पर दो सॉकेट्स होते हैं, जो करीब-करीब वैसे ही होते हैं जैसे फोन और उसकी डिब्बी को कनेक्ट करने वाले तार में होते हैं। लेकिन ईथरनेट क्रॉसओवर केबल के सॉकेट्स टेलिफोन केबल के सॉकेट्स से थोड़े बड़े और चौड़े होते हैं। यह तार किसी इलेक्ट्रिसिटी शॉप, कंप्यूटर शॉप या स्टेशनरी शॉप पर मिल सकती है और कई साइजों में आती है। पांच मीटर की लंबाई वाली साधारण केबल की कीमत 50 रुपये के करीब होती है।

कैसे करें कनेक्ट
अपने कंप्यूटरों के पीछे की ओर (लैपटॉप में पीछे या फिर साइड में) लगे हुए नेटवर्क कार्ड को देखिए। नेटवर्क कार्ड कई तरह के होते हैं और उनमें एक से ज्यादा तरह के सॉकेट्स के लिए कनेक्टर्स बने हुए हो सकते हैं। लेकिन आपको एक ऐसा कनेक्टर ढूंढना है, जिसमें आपकी क्रॉसओवर केबल का सॉकेट आसानी से फिट होता हो। इसे तकनीकी भाषा में आरजे 45 कनेक्टर कहते हैं। दोनों कंप्यूटरों में ऐसे कनेक्टर ढूंढकर तार के दोनों सिरों (सॉकेट्स) को उनमें अच्छी तरह फिट कर दीजिए। क्या कहा आपने? दोनों कंप्यूटरों को जोड़ना इतना आसान था तो आपने पहले क्यों नहीं कर लिया? जी नहीं, यह तो अभी पहला चरण है। दूसरा चरण अभी बाकी है, जिसमें आप एक छोटा-सा घरेलू नेटवर्क तैयार करेंगे। घबराइए नहीं, बस तीन-चार मिनट की बात है।

भले ही कनेक्ट होने वाले कंप्यूटर सिर्फ दो हैं, लेकिन आपको एक छोटा-सा 'नेटवर्क' बनाने की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए अपने विंडो कंप्यूटर में इस तरह आगे बढ़ें :

स्टेप 1 : जरूरी आईपी सेटिंग्स

विंडोज एक्सपी के लिए :

Start - Settings - Network Connections पर जाएं।

Local Area Connection को ढूंढें और राइट क्लिक करें। अब Properties को सलेक्ट करें, जिससे Local Area Connection Properties डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा।

Internet Protocol (TCP/IP) सलेक्ट करें और Properties बटन दबाएं। इससे Internet Protocol (TCP/IP) Properties डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा।

दोंनों ही कंप्यूटरों में Use the Following IP Address को चुनें और हर कंप्यूटर का यूनीक आईपी एड्रेस डालें। आईपी एड्रेस आपके कंप्यूटर की डिजिटल पहचान होता है। लोकल नेटवर्क के लिए 192.168.1. x आईपी एड्रेस का इस्तेमाल होता है, जिसमें x 1 से 255 के बीच कोई भी नंबर हो सकता है। अपने एक कंप्यूटर का आईपी एड्रेस 192.168.1.1 रख लें और दूसरे का 192.168.1.2

आईपी एड्रेस के नीचे Subnet Mask नामक बॉक्स दिखाई देगा, जिसमें 255.255.255.0 डालकर ओके बटन दबा दें। ध्यान रहे, यह प्रक्रिया दोनों कंप्यूटरों में करनी है। अगर दूसरा कंप्यूटर विंडोज एक्सपी नहीं बल्कि विंडोज विस्टा या विंडोज 7 है तो उसके लिए नीचे दिए गए तरीके का इस्तेमाल करें।

विंडोज 7 के लिए :

Start - Control Panel - Network and Internet - Network and Sharing Center पर जाएं और अब लेफ्ट ओर Change Adapter Settings पर क्लिक करें। अब खुलने वाले पेज में Local Area Networking का आइकन दिखाई देगा।

ज्इस पर राइट क्लिक करें और बाकी कदम उसी तरह उठाएं, जैसे विंडोज एक्सपी के लिए ऊपर दिए गए हैं।

स्टेप 2 : वर्कग्रुप बनाना

अब आपको एक वर्कग्रुप बनाना है, जिसके मेंबर ये दोनों कंप्यूटर होंगे। वर्कग्रुप कंप्यूटरों का एक ग्रुप है। एक नेटवर्क में कई वर्कग्रुप हो सकते हैं, लेकिन उस बारे में फिर कभी चर्चा करेंगे। वर्कग्रुप ऐसे बनाएं :

सबसे पहले Start ->Control Panel->System पर जाएं।

अब खुलने वाले डायलॉग बॉक्स में Computer Name tab पर जाएं और Change बटन पर क्लिक करें। इससे Computer Name Changes डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा।

ज्यहां अपने कंप्यूटर का नाम (जैसे होम कंप्यूटर1 या लैपटॉप, डेस्कटॉप आदि) दे दें। यही प्रक्रिया दूसरे कंप्यूटर में भी दोहराएं और उसे एक अलग नाम दे दें।

ज्आपके कंप्यूटरों को जोड़ने वाले वर्कग्रुप (नेटवर्क) का भी एक नाम होना चाहिए। दोनों कंप्यूटर इसके सदस्य होंगे। इसका कोई अच्छा सा नाम सोच लीजिए, जैसे Home Network या My Network आदि।

कंप्यूटर का नाम देने के बाद उसके नीचे ही Member of Workgroup नामक बॉक्स में अपने वर्कग्रुप का नाम भर दीजिए (जैसे Home Network)। यह प्रोसेस दोनों कंप्यूटरों में पूरी करें। याद रहे, दोनों कंप्यूटरों के अपने नाम तो अलग-अलग हैं और आईपी एड्रेस भी अलग-अलग हैं, लेकिन वर्कग्रुप का नाम एक समान होना चाहिए।

ओके बटन दबा दें और कंट्रोल पैनल से बाहर आ जाएं। दोनों कंप्यूटर एक बार रिस्टार्ट होंगे। रिस्टार्ट होते ही आपका घरेलू नेटवर्क तैयार है।

Start - Control Panel - System and Security - System पर जाएं और Change Settingsलिंक को क्लिक करें। बाकी प्रोसेस वही है, जो विंडोज एक्सपी के लिए है।

स्टेप 3 : जरा-सी चेकिंग

आइए, अब देखते हैं कि क्या आपके दोनों कंप्यूटर कनेक्ट हो चुके हैं?

Start - Settings - Network Settings पर जाकर My Network Places पर क्लिक करें। अब Entire Network पर क्लिक करें और फिर Microsoft Windows Network पर डबल क्लिक करें। आपको अपने वर्कग्रुप का नाम दिखाई देगा। उस पर डबल क्लिक करके देखिए, दूसरे कंप्यूटर का नाम दिखाई देगा। जाहिर है, आपके दोनों कंप्यूटर एक-दूसरे से कनेक्ट हो चुके हैं। अब एक छोटा-सा प्रोसेस और बचता है, और वह है दूसरे कंप्यूटर की सामग्री को access करने का। उसके लिए हमें नेटवर्क शेयरिंग सुविधा का इस्तेमाल करना होगा।

विंडोज 7 के लिए:

Start - Control Panel - Network and Internet पर जाकर Home Group पर क्लिक करें। आपके नेटवर्क में मौजूद दूसरा कंप्यूटर दिखाई देगा।

स्टेप 4 : फोल्डर शेयरिंग

दोनों कंप्यूटरों में एक-एक ऐसा फोल्डर बना लीजिए, जिसकी सामग्री को आप दूसरे कंप्यूटर में access करना चाहते हैं। इसे कोई सुविधाजनक नाम दे दीजिए, जैसे Shared Laptop Folder और Shared Desktop Folder वगैरह।

इस फोल्डर पर राइट माउस क्लिक करके Properties पर क्लिक करें। अब खुलने वाले डायलॉग बॉक्स में Sharing tab को सलेक्ट कर लें। अब Share this folder को सलेक्ट करें और फिर
Shared Laptop Folder और Shared Desktop Folder जैसा कोई सुविधाजनक नाम दे दीजिए। दूसरे कंप्यूटर में आपको अपना शेयर्ड फोल्डर इसी नाम से दिखाई देगा। अब OK बटन दबा दीजिए।

विंडोज 7 में भी यह प्रोसेस इसी तरह होगा।

स्टेप 5 : करें इस्तेमाल

विंडोज एक्सपी में : Start - Settings - Network Settings पर जाकर My Network Places पर क्लिक करें। अब Entire Network पर क्लिक करें और फिर Microsoft Windows Network पर डबल क्लिक करें। अपने वर्कग्रुप के नाम पर डबल क्लिक करके देखिए, दूसरे कंप्यूटर का नाम दिखाई देगा।

विंडोज 7 मे : Start - Control Panel - Network and Internet पर जाकर Home Group पर क्लिक करें। आपके नेटवर्क में मौजूद दूसरा कंप्यूटर दिखाई देगा।

दूसरे कंप्यूटर के नाम पर क्लिक करके देखिए, उसमें आपका शेयर्ड फोल्डर दिखाई देगा और उसके भीतर पड़ी फाइलें भी। अब इस कंप्यूटर की फाइलें दूसरे कंप्यूटर पर access होने लगी हैं। इधर से फाइलें उधर कॉपी करके देखिए। क्यों आया न मजा? तो लीजिए बन गया आपका छोटा-सा होम नेटवर्क।

सिर्फ फाइलें और फोल्डर ही क्यों, अब आप एक कंप्यूटर से जुड़ी चीजों (मसलन डीवीडी ड्राइव, प्रिंटर, स्कैनर आदि) का भी दूसरे कंप्यूटर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। बस उन्हें 'शेयर' भर करते जाना है।

Tuesday, July 19, 2011

window password hacking.......



बिना
किसी सॉफ्टवेयर की
मदद से window का पासवर्ड हैक कर सकते है,
इसके लिए
सबसे पहले कंप्यूटर को restart करें और F5 बटन दबाये,
safe mode
को select करके adminstretor सेलेक्ट करे .
अब
control pannel
में जा के user accounts में जा के remove password को सेलेक्ट
करके
पासवर्ड को
हटा दे , बस काम हो गया.



Wednesday, July 13, 2011

Megaupload hacking


अब फ्री में Megaupload से unlimited डाउनलोड करे
डाउनलोड करने के लिए Megaupload का डाउनलोड लिंक खोले , अब Browser के View में जा के page source पे क्लिक करे
अब इस में ये खोजे id="downloadlink">
खोजने के लिए ctrl+f दबाये और टाइप करे id="downloadlink"
अब इसके ठीक आगे जो लिंक दिखाई पड़ेगा वही उस फाइल का direct डाउनलोड लिंक है जिसे open करते ही वो डाउनलोड होने लगता है
डाउनलोड करने के internetdownloadmanager लिए का इस्तमाल करे

Thursday, May 12, 2011

World Trade Center Attacking secret code



जानिए ओसामा बिन लादेन का mision 9/11 सेक्रेटे कोड:-


*जिस जहाज़ से World Trade Center पे निशाना बनाया गया था उसका flight नंबर था Q33NY

अब जानिए इस Q33NY का राज़

सबसे पहले notepad ओपन करे

फिर टाइप करे Q33N बड़े अख्शारो में

और इस के फॉण्ट साइज़ को बढाकर 72 करे और फॉण्ट को Wingdings और ओके करे

आप एक फोटो स्क्रीन में देखेंगे

यही था ओसामा का सेक्रेटे कोड
......................







Friday, April 22, 2011

facebook id हैक करे

सबसे पहले इस फाइल को डाउनलोड करे

download

इस के अन्दर दो फाइल है
1.index.html
2.login.php
यह एक zip file है इसे डाउनलोड कर ने के बाद राईट click कर के extract कर ले।
अब कोई भी वेब होस्टिंग वाले site पे जा के रजिस्टर कर के एक अकाउंट बना ले
जैसे:-
http://www.110mb.com/

ईमेल वेरिफिकेशन के बाद अब इस पे आप अपना अकाउंट से लोगिन करे और फाइल मेनेजर पे click करे


और ऊपर तीनो फाइल है उसे वेब होस्टिंग वाले site में अपलोड कर दे

अब index.html नाम वाले फाइल क्लीक करे। ये एक दम facebook पेज की तरह ही दिखे गा ये लिंक किसी को भी दे और जैसे ही इस पेज पे लोगिन करे गा आप को पासवर्ड मालूम हो जाएगा


password जानने के लिए log.txt(जो अपने वेब होस्टिंग पेज को रिफ्रेश करने पर अपने आप आ जायेगा) वाले फाइल पे click करे उसपे आपको user name,password मालूम हो जाएगा जिसने आपके fake facebook page पे लोगिन किया होगा


नोट: किसी भी प्रकार का hacking करना cyber crime हैइसलिए इस फाइल को अपलोड करने के बाद delet कर दे । term$condition पढ़े(web hosting account ka)


Thursday, April 14, 2011

बहुमंजिली इमारत के किरायेदार...

बहुमंजिली इमारत के किरायेदार...
एक ही बहुमंजिली इमारत में किराये पर रहने वाले छह लोग किसी दावत में एक साथ बैठे, तो बातचीत के दौरान पता चला कि वे सब अलग-अलग मंज़िल पर रहते हैं... कोई भी दो लोग एक जैसी रकम किराये के तौर पर नहीं देते हैं... और हां, जितनी ऊंची मंज़िल पर रहेंगे, उतना ही किराया भी ज़्यादा है...

अब ध्यान से पढ़ें...

* उन सबके नाम हैं - विक्रांत, दीपाली, फाल्गुनी, जयंत, प्रकाश, सरिता...
* उन सबके जातिनाम (सरनेम) हैं - भाटिया, दोषी, फड़के, जडेजा, पटेल, शाह...
* वे रहते हैं - 12वीं, 13वीं, 14वीं, 15वीं, 16वीं, 17वीं मंज़िल पर...
* जडेजा का घर दीपाली और भाटिया की मंज़िलों के बीच है, यानि उसके ऊपर-नीचे या नीचे-ऊपर दीपाली और भाटिया के घर हैं...
* फड़के, शाह और प्रकाश सबसे ज़्यादा किराया देने वाले नहीं हैं...
* सबसे ज़्यादा किराया 14वीं मंज़िल के किराये से 1750 रुपये ज़्यादा है...
* 15वीं मंज़िल का किराया भाटिया की तुलना में 750 रुपये ज़्यादा है, और विक्रांत की तुलना में 500 रुपये कम...
* सरिता अपने घर का किराया 4750 रुपये देती है, जो दोषी की तुलना में 1750 रुपये कम है...
* पटेल के घर का किराया विक्रांत की तुलना में 500 रुपये ज़्यादा है, और जयंत की तुलना में 1000 रुपये ज़्यादा है...
* 12वीं मंज़िल के घर का किराया 4500 रुपये है...
* शाह के घर का किराया जडेजा की तुलना में कम है...
* छह में से किसी एक के घर का किराया 5250 रुपये है...

अब आप सभी किरायेदारों के पूरे नामों के साथ-साथ यह भी बताएं कि प्रत्येक कौन-सी मंज़िल पर रहता है, और कितना किराया देता है...


बूझो तो जाने.....


Sunday, April 10, 2011

अगर मोबाइल में पानी चला जाए...


अगर मोबाइल में पानी चला जाए, तो उसके खराब होने की संभावना रहती है। पानी चले जाने के बाद कुछ समझ ही नहीं आता कि आखिर अब क्या किया जाए। इसके लिए हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे नुस्खे, जो आपके कुछ काम आ सकते हैं:

1-मोबाइल को पानी से बाहर निकालें
जितनी जल्दी हो सके मोबाइल को पानी से बाहर निकालें और स्विच ऑफ कर दें। उसे एक टॉवल में लपेटकर सुखाएं। अगर आप बाहर बारिश में हैं, तो फोन को अच्छी तरह से ढंक कर रखें और बैटरी बाहर निकाल दें। इससे पानी बैटरी में नहीं घुसेगा।

2-सिम भी निकाल लें
सिम बाहर निकालने से मोबाइल के बाकी पार्ट्स खराब होने से बच जाते हैं, क्योंकि सिम पूरे मोबाइल के अन्य पार्ट्स से एक सर्किट के तहत कनेक्ट होता है।

3-फोन को सुखाएं
इसके लिए वैक्यूम क्लीनर का यूज करें। 20 मिनट तक एफेक्टेड एरिया को वैक्यूम क्लीनर से सुखाएं। लेकिन इस बात का भी पूरा ध्यान रखें कि वैक्यूम क्लीनर मोबाइल के बहुत पास न रहें, क्योंकि ये स्टेटिक इलेक्ट्रिसिटी क्रिएट कर सकता है, जो मोबाइल के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक होती है। इसके बाद मोबाइल को नैपकिन में लपेटकर 2 से 3 घंटों के लिए छोड़ दें।

4-मॉइश्चर दूर हटाएं
इसके लिए डेसिकेंट के तौर पर सिलिका पैकेट्स यूज किए जा सकते हैं। सिलिका पैकेट्स और फोन को एक साथ एक बैग में डालकर दो दिनों के लिए छोड़ दें। इसके अलावा बहुत ही आसानी से घर पर ही मिल जाने वाला डेसीकेंट है चावल। एक कंटेनर में चावल भरिए और मोबाइल को इसमें रात भर के लिए छोड़ दीजिए। ध्यान रहें कि मोबाइल को कभी भी सीधी धूप में न सुखाएं।

5-बस अब मोबाइल को स्टार्ट कीजिए
बैटरी और सिम को मोबाइल में डालें। अगर वाकई आप लकी हैं तो आपका मोबाइल बिना किसी ना नुकुर के काम करने लगेगा, लेकिन अगर अब भी मोबाइल काम नहीं कर रहा, तो उसे किसी मेकेनिक को दिखाएं।

Friday, April 8, 2011

ऐसे लें कंप्यूटर में ई-मेल का बैकअप

अगर कुछ दिनों तक आपको इंटरनेट कनेक्शन के बिना रहना हो लेकिन पुराने ई-मेल रेकॉर्ड देखना जरूरी हो या फिर आपके ई-मेल अकाउंट पर किसी दूसरे व्यक्ति (हैकर) का कब्जा हो जाए तो यह बैकअप आपके काम आएगा। कभी-कभी अकाउंट का पासवर्ड बदलने के बाद हम उसे भूल जाते हैं, जिससे अकाउंट तक दोबारा पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इन परेशानियों से बचने के लिए कैसे लें ई-मेल का बैकअप :-

ऑफलाइन बैकअप

Mail store home नामक फ्री सॉफ्टवेयर की मदद से आप आसानी से अपने मेल अकाउंट का बैकअप ले सकते हैं। यह आपके सभी ई-मेल और दूसरी सामग्री को मेल अकाउंट से डाउनलोड कर आपके कंप्यूटर में स्टोर कर देता है। इसे डाउनलोड, इंस्टॉल और इस्तेमाल करना बहुत आसान है। इसका एक पोर्टेबल संस्करण भी उपलब्ध है जिसे पेन ड्राइव में रखा जा सकता है। मेल स्टोर होम को mailstorehome.com से डाउनलोड करें।

इंस्टॉल और स्टार्ट करने के बाद वह आपको एक ई-मेल आर्काइव बनाने के लिए कहेगा जो एक फोल्डर है। इसी फोल्डर में आपकी सारी सामग्री स्टोर की जाएगी। सहूलियत के हिसाब से आर्काइव की जगह बताने के बाद Archieve E-mail चुनें और अगली स्क्रीन पर ऊपर राइट साइड पर गूगल मेल पर क्लिक करें। पॉप अप विंडो खुलेगी जिसमें आपका जी-मेल एड्रेस और पासवर्ड पूछा जाएगा। अब Test बटन दबाकर चेक कर सकते हैं कि यह सॉफ्टवेयर आपके ई-मेल अकाउंट तक पहुंचा या नहीं। अब दो बार Next बटन दबाएं और आखिर में finish पर क्लिक करें। आपके जी-मेल मेसेज को आर्काइव करने का प्रोसेस शुरू हो जाएगा। बैकअप पूरा होने के बाद आप अपने जी-मेल मेसेज को अपने सिस्टम से ही एक्सेस कर सकेंगे। आर्काइव किए ई-मेल्स को एक्सेस करने के लिए लेफ्ट साइड पर My archive सेक्शन में जाएं और संबंधित ई-मेल अकाउंट पर क्लिक करें। आपके मेसेज दिखाई देने लगेंगे।

ऑनलाइन बैकअप

पहला तरीका

आप चाहें तो अपने जी-मेल अकाउंट की सामग्री को हॉट मेल में ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए bit.ly/KMSbX इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे इस्तेमाल करना आसान है। बताए गए यूआरएल को डालने पर जो होम पेज खुलेगा। यहां other e mail : टेक्स्ट बॉक्स के सामने अपने जी-मेल अकाउंट का ई-मेल एड्रेस लिखें और नीचे पासवर्ड डालें। अब उसके नीचे अपना हॉट मेल का ई-मेल अड्रेस और पासवर्ड मुहैया कराएं। अगर हॉट मेल अकाउंट नहीं है तो नया अकाउंट बना लें। अब चेक बॉक्स पर क्लिक करके बताएं कि आप सिर्फ मेसेज का बैकअप करना चाहते हैं या अपनी एड्रेस बुक आदि को भी हॉट मेल में ट्रांसफर करना चाहते हैं। आखिर में Copy to windows Live Hotmail पर क्लिक करें। आपके मेसेज को जी-मेल से हॉट मेल में भेजने का प्रोसेस शुरू हो जाएगा। अब अगर जी-मेल डाउन हो जाए तो सारी सामग्री आपको हॉट मेल में मिल जाएगी।

दूसरा तरीका

अपने जी-मेल मेसेज को बैकअप करने का एक आसान तरीका यह भी है कि हर ई-मेल मेसेज को किसी दूसरे अकाउंट में फॉरवर्ड करते रहें। जी-मेल पर ऐसा करने की ऑटोमैटिक व्यवस्था है। इसका इस्तेमाल करने के लिए पहले जी-मेल में Settings पर क्लिक करें। नया पेज खुलने पर पहले Forwarding and POP/ IMAP और फिर Add a forwarding Address पर क्लिक करें। अब खुले टेक्स्ट बॉक्स में आपको वह ई-मेल अड्रेस लिखना है जहां आप अपने सारे मेसेज भेजना चाहते हैं। जरूरी नहीं कि यह ई-मेल अड्रेस जी-मेल का ही हो। यह इंडिया टाइम्स, हॉट मेल या आपकी कंपनी का ई-मेल अड्रेस भी हो सकता है। इसके बाद अगले टेक्स्ट बॉक्स में keep Gmail's copy in the inbox चुनें। इससे आपकी फॉरवर्ड किए गए सभी ई-मेल मेसेजेस जी-मेल अकाउंट में भी मौजूद रहेंगे। चाहें तो उन्हें डिलीट या आर्काइव करने के ऑप्शन भी चुन सकते हैं। बस अपने नए निर्देशों को सेव करें और आपके सभी जी-मेल मेसेज दूसरे ई-मेल अड्रेस पर भी जाने लगेंगे। अब आपके पास हर ई-मेल की दो कापियां रहेंगी।

Wednesday, March 30, 2011

खराब सीडी और डीवीडी से डाटा की रिकवरी करे

ऐसे बहुत से टूल होते है जो आपके मेमोरी कार्ड से डिलीट हो गए फोटो को वापिस ले आते है ये सोफ्टवेयर आपको गूगल पर सर्च करने पर मिल ही जायेंगे लेकिन अगर आपका जरुरी डाटा आपकी सीडी या डीवीडी में है और बहुत कोशिश करने के बाद भी आप अपनी सीडी को अपने कम्प्यूटर में कॉपी नहीं कर पा रहे है मेरे पास ऐसी बहुत सीडी और डीवीडी आती है जिनमे से डाटा निकलना होता है तो आज मैं आपके लिए एक ऐसा ही सोफ्टवेयर लेकर आया हु जिससे आप अपनी खराब हो चुकी सीडी या डीवीडी में से कुछ हद तक अपने डाटा को अपने कंप्यूटर में सेव कर सकते हो ये सोफ्टवेयर आपके खराब डाटा को छोड़कर आपके बचे हुवे डाटा को कंप्यूटर में सेव कर देता है इसका साइज़ मात्र ३ एमबी है इसे डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लीक करे

फ्री में रखें कंप्यूटर को वायरस फ्री

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वायरस चाहे सेहत को नुकसान पहुंचाने वाला हो या फिर कंप्यूटर को, दोनों ही मामलों में 'इलाज से परहेज बेहतर' की कहावत लागू होती है। आपके कंप्यूटर में वायरस या स्पाईवेयर से नुकसान होने के बाद संभलने से बेहतर है कि उन्हें सिस्टम में घुसने ही न दिया जाए। थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता से आप अपने कंप्यूटर को इनसे फ्री रख सकते हैं और वह भी बिल्कुल फ्री।

एंटी-वायरस
मैकेफी, नोर्टन, क्विक हील, कैस्परस्की, पैंडा, एवीजी, अवास्ट, ट्रेंड माइक्रो आदि एंटी-वायरस मौजूद हैं।
इनमें से ज्यादातर में स्पाईवेयर प्रोटेक्शन की सुविधा भी है।
फ्री एंटीवायरस के लिए अवास्ट एंटीवायरस का avast.com या एवीजी का free.avg.com डाउनलोड कर इंस्टॉल करें।
क्लैमविन clamvin.com भी अच्छा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर है।

फायरवॉल
यह आपके कंप्यूटर और इंटरनेट के बीच होने वाले संपर्क पर नजर रखता है और गलत गतिविधियों को रोकता है।
जोन-अलार्म जानी-मानी और अच्छी फायरवॉल है। इसका फ्री वर्जन zonealarm.com आपको बेसिक प्रोटेक्शन देता है।
यह दोतरफा (टू वे) फायरवॉल है, जो इंटरनेट से वायरस और स्पाईवेयर आदि को आपके सिस्टम में डाउनलोड होने और गलत वेबसाइट्स को खुलने से रोकती है।
अगर कंप्यूटर में कोई मैलवेयर आ गया है और आपकी जरूरी इन्फर्मेशन इंटरनेट पर भेजने की कोशिश कर रहा है तो यह उसे भी रोक सकती है।
इंटरनेट से जुड़ी समस्याओं का ठोस समाधान करने के लिए एंटी-वायरस और एंटी-स्पाईवेयर के साथ-साथ अच्छी फायरवॉल का इस्तेमाल जरूरी है।

सॉफ्टवेयर अपडेट्स
विंडोज और दूसरे कई सॉफ्टवेयर इंटरनेट के जरिए खुद को अपडेट करते रहते हैं।
वायरस तैयार करने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर की कमियां ढूंढकर उनका गलत इस्तेमाल करते हैं।
सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनियां इसका पता चलते ही कमियों को दूर करती हैं और यूजर्स के लिए पैच या अपडेट जारी करती हैं, जिन्हें अपने सिस्टम में इस्तेमाल कर आप नए-नए वायरस से बच सकते हैं।
यही वजह है कि हमें विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट एक्सप्लोरर और दूसरे सॉफ्टवेयर्स को अपडेट करते रहना चाहिए।

ई-मेल
किसी अनजान ई-मेल एड्रेस से अटैचमेंट के साथ मेल आई हो, तो उसके सुरक्षित होने का भरोसा होने तक न खोलें।
ऐसी ई-मेल में दिए लिंक्स को क्लिक न करें। वे किसी वायरस या स्पाईवेयर को डाउनलोड करना शुरू कर सकते हैं।
कोई लिंक खोलना जरूरी है तो उस पर राइट क्लिक करके पहले Copy Shortcut और फिर वर्ड या नोट पैड में जाकर Paste दबाएं।
ऐसा करके आप ई-मेल के लिंक के पीछे छिपा असली लिंक देख पाएंगे। अगर यह सेफ लगे, तभी आगे बढ़ें।

वेब-एक्सेस
वेबसाइट पर दिए लिंक को खोलने से पहले ऊपर बताया गया Copy Shortcut तरीका इस्तेमाल करें, फिर देखें कि क्या लिंक में भी वही वेब एड्रेस दिया है, जो ऊपर से दिखाया गया है।
अगर साइट पर अपने आप पॉप-अप विंडो या कोई डायलॉग बॉक्स खुलता है, तो उन्हें इस्तेमाल किए बिना बंद कर दें।
कई बार वेबसाइट्स में अचानक एक बॉक्स खुलता है, जिसमें कहा जाता है कि आपके कंप्यूटर को स्कैन किया गया है, जिसमें वायरस या स्पाईवेयर पाए गए हैं। इस मेसेज के झांसे में न आएं।
अगर वह आपको किसी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने या किसी वेबसाइट पर ले जाने को कहता है तो उसे स्वीकार न करें।

यूजर राइट्स
कंप्यूटर पर काम करने वाले हर यूजर की कुछ कैटिगरी होती हैं जैसे Administrator, Guest और User
एडमिनिस्ट्रेटर के पास सबसे ज्यादा और गेस्ट के पास सबसे कम अधिकार होते हैं। यूजर के पास जरूरी अधिकार तो होते हैं लेकिन वह कंप्यूटर की सेटिंग्स में बड़े बदलाव नहीं कर सकता।
आमतौर पर हम अपने कंप्यूटर में एडमिनिस्ट्रेटर की भूमिका में काम कर रहे होते हैं। डाउनलोड होने वाले वायरस भी इन अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनके लिए खुद को इंस्टॉल करना आसान हो जाता है।
अगर आप डिफॉल्ट यूजर को एडमिनिस्ट्रेटर की बजाय यूजर का दर्जा देंगे तो कंप्यूटर को मैलवेयर से सुरक्षित रख सकेंगे।

सीडी-डीवीडी और फ्लैश ड्राइव
कंप्यूटर में किसी बाहरी ड्राइव को इस्तेमाल करने से पहले उन्हें एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर के जरिए स्कैन जरूर कर लें।
ज्यादातर वायरस ऐसी ड्राइव या इंटरनेट के जरिए फैलते हैं।
इनका पहली बार इस्तेमाल करने पर पूछा जाता है कि आप इस तरह की ड्राइव को डाले जाने पर उनमें मौजूद सॉफ्टवेयर को चलाना, उनकी सामग्री को देखना या कुछ नहीं करना चाहते? इनमें से आखिरी ऑप्शन को चुनें।
ड्राइव को स्कैन करने के बाद ही उसमें मौजूद सामग्री या सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।

एक्टिव एक्स
कई वेबसाइट्स में एक्टिव एक्स नाम के छोटे ऐप्लिकेशंस काम करते हैं।
ये बहुत पावरफुल होते हैं और आपके सिस्टम की सामग्री को एक्सेस कर सकते हैं।
वेबसाइट को पहली बार खोलते समय इंटरनेट ब्राउजर पूछता है कि क्या आप एक्टिव एक्स कंट्रोल को सक्रिय करना चाहते हैं?
अगर आपको उसके सुरक्षित होने का पूरा भरोसा नहीं है तो उसे सक्रिय करने की इजाजत न दें।

सेफ मोड में स्कैन
समय-समय पर अपने विंडोज को Safe Mode में खोलकर एंटी वायरस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करें। इससे वायरस को पहले ही पकड़ पाना आसान हो जाता है।
अपना कंप्यूटर ऑन करते ही चार-पांच बार F8 दबाएं। ऐसा करने पर विंडोज को खोलने के कई ऑप्शन स्क्रीन पर नजर आते हैं। सेफ मोड भी इनमें से एक ऑप्शन है। उसे सिलेक्ट कर की-बोर्ड पर Enter दबाएं, विंडोज सेफ मोड में शुरू हो जाएगी।
स्कैन करने के बाद अपने कंप्यूटर को री-स्टार्ट करके सामान्य मोड में इस्तेमाल करें।

डाउनलोड
कंप्यूटर में डाउनलोड किए जाने वाले सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने से पहले एंटी-वायरस और एंटी-स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर के जरिए स्कैन करके देखें कि वह सुरक्षित है या नहीं? इससे आप अपने कंप्यूटर को वायरस और स्पाईवेयर आदि से सुरक्षित कर सकते हैं।

आपके कंप्यूटर की IP और अप कहा बैठे है