Friday, January 28, 2011

मोटापे, डायबीटीज का इलाज बस 15 मिनट में


वैज्ञानिकों ने ऐसा उपाय खोज निकाला है जिसके इस्तेमाल से मोटापा तो छूमंतर हो जाएगा, साथ ही डायबीटीज के शुरुआती लक्षण भी खत्म हो जाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इलाज महज 15 मिनट का है और कोई ऑपरेशन नहीं करना होगा।

इसमें एंडोबैरियर नामक डिवाइस एंडोस्कोप इंस्ट्रूमेंट के जरिये छोटी आंत में डाली जाती है, जहां भोजन अवशोषित होता है। डिवाइस छोटी आंत और भोजन के बीच बाधा बन जाती है। डॉक्टरों का मानना है कि इससे छोटी आंत से निकलने वाले हार्मोनल संकेतों के ऐक्टिव होने का अंदाज बदल जाता है। वैसे, शरीर को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलते रहते हैं। इस डिवाइस को शरीर के अंदर डालने में पेशंट को बेहोश नहीं करना पड़ता। डिवाइस को शरीर में 18 महीनों तक रखा जा सकता है, लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि ज्यादातर मामलों में मकसद छह से नौ महीनों में पूरा हो जाता है। एंडोस्कोप से ही डिवाइस निकाले जाने के बाद मरीज डायट और एक्सर्साइज से वजन पर काबू रख सकते हैं।

यह अनोखा ट्रीटमेंट सर्जरी के सस्ते और सुरक्षित विकल्प के तौर पर उभरा है। नीदरलैंड्स में हुए 12 हफ्तों के ट्रायल में मरीजों ने औसतन 15.75 किलो वजन कम किया। 40 मरीजों ने 12 हफ्ते में 19 फीसदी वजन कम किया। दूसरी तरफ कंट्रोल ग्रुप के मरीजों ने डाइटिंग करके सिर्फ 5 किलो वजन कम किया। ट्रायल के दौरान देखा गया कि ऐसा करने से कुछ हफ्तों में ही टाइप टू डायबीटीज के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल कम हो गया और उन्हें दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ी। इस इलाज में 2000 डॉलर (करीब 92 हजार रुपये) खर्च होते हैं, जो मोटापा कम करने के सस्ते से सस्ते ऑपरेशन से भी आधा कम है। अमेरिका और यूरोप में काफी विस्तार से टेस्ट किए गए हैं। नई डिवाइस को पिछले हफ्ते यूरोपीय मरीजों पर इस्तेमाल के लिए पेटेंट दे दिया गया। एंडोबैरियर बनाने वाली अमेरिकी कंपनी का कहना है कि यूके में मरीजों के इलाज के लिए यह डिवाइस इस साल के अंत तक उपलब्ध हो जाएगी।

यूके में वेट लॉस सर्जरी के प्रमुख कंसल्टेंट नैडे हाकिम ने कहा है कि मुझे इस विधि से मरीजों का इलाज कर खुशी होगी। यह आइडिया नायाब है। यह तरीका मरीजों को भी अच्छा लगेगा, क्योंकि उन्होंने सर्जरी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि हम सर्जरी को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित बनाए रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन सर्जरी से बचा जा सके तो यह ज्यादा अच्छी बात होगी।

अमेरिका के नॉर्थ कैरलाइना में एक मेडिकल सेंटर के ओबेसिटी सर्जरी हेड डॉ. कीथ गरसिन का कहना है, मोटापे से जुड़ी सर्जरी रिस्की हो सकती है। खासतौर पर इसलिए कि मरीजों का वजन बहुत होता है और उन्हें हमें ऑपरेशन के दौरान बेहोश करना पड़ता है। इसलिए एक नॉन सर्जिकल तरीका होना बहुत फायदेमंद है। यह तरीका इतनी तेजी से काम करता है कि ढेर सारे मरीजों का इलाज किया जा सकता है। मरीजों ने इसे इतना पसंद किया कि वे ट्रायल खत्म होने के बाद भी इसे हटाना नहीं चाह रहे थे। इसके अलावा इसके साइड इफेक्ट नहीं हैं, साथ ही इसे आसानी से हटाया भी जा सकता है।

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