Friday, January 28, 2011

2012 तक दिख सकता है एक और सूरज, रातें भी बनेंगी दिन


साल 2012 तक ऐसा कुछ हो सकता है जिसकी कल्पना शायद आपने न की हो। हो सकता है, किसी दिन अचानक आपको दिन ज्यादा रोशन लगने लगे, रात को चांद के साथ सूरज भी चमकता दिखे, और तो और रोज सुबह सूरज देखकर दिन शुरू करने वाले या उसे जल चढ़ाने वाले भी आसमान में दो सूरज देखकर कनफ्यूज हो जाएं। ऐसा हो सकता है, अगर अब तक की सबसे बड़ी सनसनी, वैज्ञानिकों की यह भविष्यवाणी सही साबित हो गई।

ब्रिटिश अखबार डेली मेल के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया की सदर्न क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी में फिजिक्स के सीनियर लेक्चरर ब्रैड कार्टर ने दावा किया है कि यूनिवर्स के सबसे चमकदार तारों में से एक बीटलगेस तारा अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। यह जल्दी ही एक बड़े विस्फोट के बाद सुपरनोवा में तब्दील होकर खत्म हो जाएगा। इससे धरती पर रोशनी की बारिश होगी और इस शानदार लाइट वर्क से धरती पर रातें भी सूरज की रोशनी से नहाई होंगी। यह नजारा एक दिन नहीं, दो दिन नहीं, बल्कि पूरे दो हफ्ते तक रह सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस तारे का विस्फोट इतना चमकदार होगा कि ओरियन नक्षत्रमंडल (कॉन्स्टिलेशन) में मौजूद यह तारा धरती से 640 लाइट इयर्स दूर होते हुए भी धरती पर रातों को दिन में बदल देगा। धरती से देखने पर ऐसा लगेगा कि आसमान में दो सूरज उग आए हैं। इस घटना के बारे में अब इकलौती बहस इस बात पर हो रही है कि यह नजारा कब देखने को मिलेगा।

डॉ. कार्टर के मुताबिक, यह ब्लास्ट साल 2012 से पहले भी हो सकता है। या फिर अगले दस लाख सालों में भी मुमकिन हो सकता है। एक ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइट से बातचीत में कार्टर ने बताया कि बूढ़े हो चुके इस तारे के केंद्र में अब ईंधन खत्म हो रहा है। यही ईंधन के बल पर बीटलगेस चमक पाता है और जिंदा है। जब यह ईंधन खत्म हो जाएगा तो यह तुरंत अपने आप को खत्म कर देगा। इस दौरान हमें कुछ हफ्तों तक इससे बेतहाशा रोशनी आती दिखेगी पर उसके बाद कुछ महीनों में यह सब छंट जाएगा और इसे देख पाना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।

बीटलगेस के कारण आसमान में दो सूरज दिखने की यह सनसनी इंटरनेट पर भी छा चुकी है। कई इसे प्रलय की थ्योरी से जोड़कर देख रहे हैं, तो कई 2012 के बारे में माया कैलंडर की भविष्यवाणियों से। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह घटना धरती से इतनी दूर होगी कि उससे हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचने वाला। डॉ. कार्टर का कहना है कि जब किसी स्टार में विस्फोट होता है, तब सबसे पहले हमें इससे न्यूट्रिनोस नाम के छोटे कणों की बारिश होती दिखाई देती है। बीटलगेस के मामले में भी न्यूट्रिनोस धरती पर बरसेंगे और इन्हीं में सुपरनोवा की 90 पर्सेंट एनर्जी बिखर जाएगी। पर इसका इंसानी शरीर पर या धरती पर कोई नुकसान नहीं होगा।

क्या है बीटलगेस
यह एक तारा है जिसे यूनिवर्स के सबसे बड़े चमकदार तारों में से एक माना जाता है। ऐसे तारों की लिस्ट में इसे नौवें नंबर पर माना जाता है। नारंगी-लाल रंग का दिखाई देने वाला यह तारा ओरियन कॉन्स्टिलेशन में है। यह धरती से 640 प्रकाश वर्ष दूर है। प्रकाश वर्ष का मतलब प्रकाश द्वारा एक साल में तय की गई दूरी से होता है।

0 comments:

Post a Comment

आपके कंप्यूटर की IP और अप कहा बैठे है