Tuesday, January 11, 2011

साप -सीढ़ी





साप -सीढ़ी का खेल तेरहवी शताब्दी में कवी संत ज्ञान देव द्वारा तैयार किया गया था। इसे मूल रूप से मोक्षपट कहतेथे। इस खेल में सीढिया वरदानो का प्रतिनिधितव करती थी जबकि साँप अवगुणों को दर्शाते थे। इस खेल को कौड़ियो तथा पासे के साथ खेला जाता था। आगे चल कर इस खेल में कई बदलाव किया गए, परन्तु इसका अर्थ वही रहाअर्थात अछे काम लोगो को स्वर्ग की ओर ले जाते है,जबकि बुरे काम दोबारा जन्म के चक्र में दाल देते है.

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