Monday, February 21, 2011

अब मोबाइल पर देखिए वर्ल्ड कप, बिल्कुल फ्री!


वर्ल्ड कप का बुखार जोरों पर है और लोग कहीं भी, कभी भी मैच का ताजा हाल जानना चाहते हैं। अब वो दिन गए जब लोग ट्रांजिस्टर को कान से लगाए मैच की कमेंटरी सुनते थे। नहीं, हम मोबाइल फोन में एफएम रेडियो कमेंटरी की बात नहीं कर रहे हैं, अब फोन बनाने वाली कंपनियां ऐसे हैंडसेट ला रही हैं जिनमें आप कहीं भी लाइव टीवी देख सकेंगे, वह भी बिना किसी डाउनलोड या डेटा चार्ज दिए।

ये एनालॉग टीवी वाले मोबाइल हैं, जिनमें आप रेडियो की तरह कहीं भी कम से कम दूरदर्शन को बिना ऑपरेटर की मदद से फ्री देख सकते हैं, हैंडसेट में लगा इनबिल्ट एंटीना टीवी सिग्नल कैच करता है।

टीम इंडिया के तो सारे मैच दूरदर्शन पर लाइव आ ही रहे हैं। इसके बाद क्वॉर्टर, सेमी और फाइनल भी डीडी पर दिखाए जाएंगे। जेन मोबाइल ने जेन जेड 82 नाम से एनालॉग टीवी मोबाइल सेट लॉन्च किया है, जिस पर आप कहीं भी दूरदर्शन चैनल देख सकते हैं।

इसमें 2.4 इंच की स्क्रीन है। कंपनी के मुताबिक, इस टीवी सेट को आप चाहे हॉरिजंटल रखें या वर्टिकल, फोन की स्क्रीन अपने हिसाब से अडजस्ट कर लेगी। छह घंटे की बैटरी लाइफ पूरा मैच दिखाने के लिए काफी है।

3.5 एमएम के जैक में आप कोई भी स्टैंडर्ड हैंडसेट लगाकर खामोशी से कमेंटरी सुन सकते हैं। जेन मोबाइल के एमडी दीपेश गुप्ता कहते हैं कि हम क्रिकेट की दीवानगी को रेडियो के लेवल से आगे बढ़ाकर लाइव टीवी के तौर पर ला रहे हैं। डेटा चार्ज या ऑपरेटर का बंधन नहीं रहने से लोग भी इस टेक्नॉलजी के करीब आएंगे।

नोकिया के बाद जी-फाइव ने एनालॉग टीवी की खासियत से लैस छह फोन की सीरीज उतारी हैं। जीफाइव की ग्रुप कंपनी किंगटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के एमडी अर्शित पाठक कहते हैं कि भारत में क्रिकेट की दीवानगी सबसे ज्यादा है और वर्ल्ड कप जैसे मौके पर लोग एक भी गेंद का हाल मिस नहीं करना चाहते।

ऐसे में हम फ्लिप, टचस्क्रीन, क्वर्टी या फिर साधारण फोन, हर तरह के शेप में एनालॉग टीवी का फीचर लाए हैं। पाठक के मुताबिक इनमें इनबिल्ट एंटीना टीवी सिग्नल पकड़ता है यानी आपको डेटा के लिए कोई चार्ज नहीं पड़ता। यह मोबाइल पर एफएम सुनने की तरह है, जिसमें टीवी का फीचर आपको हैंडसेट से मिल रहा है न कि ऑपरेटर से।

हालांकि ऑपरेटर आधारित टीवी सर्विस कई हैंडसेटों पर पहले से है। सैमसंग कोर्बी, सैमसंग मेट्रो, नोकिया 5330 जैसे हैंडसेटों पर आपको यह फीचर मिलता है। टाटा फोटॉन ने सीडीएमए हैंडसेटों के लिए टीवी चैनल के हिसाब से प्लान भी दिए हैं। लेकिन इनमें आप टीवी सिग्नल को ऑपरेटर से डेटा की तरह हासिल करते हैं।

Monday, February 7, 2011

ऑफिस में बैठकर घर के कंप्यूटर पर काम

अगर आप घर बैठे कही और जगह के कंप्यूटर को चलाना चाहते है तो इसका उपाय निचे लिखा है :-




टीमव्यूअर एक ऐसा सॉफ्टवेयर, जिससे आप इंटरनेट या इंट्रानेट के जरिये दूसरे कंप्यूटर को एक्सेस कर सकते हैं। यह सॉफ्टवेयर विंडोज के साथ आए रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर से ज्यादा अच्छा काम करता है। इस सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने के लिए आप http://www.teamviewer.com/download पर जाकर अपने कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम के मुताबिक जो भी वर्जन चाहिए, उसे डाउनलोड कर लें। यहां आपको मिलेगा 'ऑल इन वन वर्जन' जिसके जरिये आप दूसरे कंप्यूटर से कनेक्ट कर सकते हैं और इनकमिंग कनेक्शन के लिए भी तैयार रह सकते हैं। इंस्टैंट वर्जन भी है जो आपके कंप्यूटर को इनकमिंग कनेक्शन के लिए फौरन तैयार कर देगा।

शुरू करने के लिए आप इसके 'ऑल इन वन वर्जन' पर क्लिक करें। आप सीनेट की डाउनलोड साइट पर पहुंच जाएंगे। यहां डाउनलोड बटन को क्लिक कर दें। कुछ ही देर बाद आपके सामने teamviewer setup को डाउनलोड करने का ऑप्शन आ जाएगा। आप सेव फाइल पर क्लिक कर इसे डाउनलोड कर लें। teamviewer_setup.exe को डबल क्लिक करके रन कर लें। आपके सामने टीमव्यूअर 6 सेटअप डायलॉग बॉक्स आ जाएगा। यहां आप रन या इंस्टॉल ऑप्शन सिलेक्ट कर सकते हैं। इंस्टॉल ऑप्शन डिफॉल्ट ऑप्शन है। रन ऑप्शन को आप तभी चूज करेंगे, अगर इस सॉफ्टवेयर का यूज सिर्फ एक ही बार करना चाहते हैं। अगर इसे काम में लाते रहना चाहते हैं तो इंस्टॉल को सिलेक्ट कर लें और नेक्स्ट कर दें।

अब आपके सामने 'हाउ डू यू वॉन्ट टू यूज टीमव्यूअर' का ऑप्शन आ जाएगा। यहां आप पर्सनल/नॉन कमर्शल को सिलेक्ट करके नेक्स्ट दबा दें। इसके बाद लाइसेंस अग्रीमेंट बॉक्स आ जाएगा। यहां आप 'आई एक्सेप्ट...' पर क्लिक कर दें। नेक्स्ट कर दें। इसके बाद आप चूज इंस्टॉलेशन टाइप स्क्रीन में डिफॉल्ट ऑप्शन नो को सिलेक्ट रहने दें और फिनिश दबा दें।

कुछ ही समय में आपके सामने एक बॉक्स में कुछ नंबर आ जाएंगे। इसी के नीचे पासवर्ड भी लिखा होगा। अब आप जिस कंप्यूटर से इस कंप्यूटर को एक्सेस करना चाहते है, वहां भी ऐसे ही टीमव्यूअर सॉफ्टवेयर को सेट कर लें। जब आपके सामने टीमव्यूअर सॉफ्टवेयर की स्क्रीन आ जाएगी, तो वहां क्रिएट सेशन बॉक्स में जिस मशीन को एक्सेस करना चाहते हैं, उस मशीन का यूजरनेम और पासवर्ड एंटर करके कनेक्ट टु पार्टनर पर क्लिक कर दें। कुछ ही देर में आपके सामने दूसरे कंप्यूटर की स्क्रीन नजर आने लगेगी। इसे आप ऐसे ही चला सकते हैं जैसे वह आपके सामने हो। याद रहे दोनों कंप्यूटर पर टीव्यूअर का एक ही वर्जन डाउनलोड होगा।

Friday, February 4, 2011

विंडो दोबारा इन्स्टॉल करने पर कैसे बचें


अगर आप अपने पीसी में restriction लगाना चाहते है , जैसे अगर कोई आपके पीसी में सॉफ्टवेयर इन्स्टॉल करना चाहे तो उसे एक्सेस डिनाइड मिले। इसी तरह अगर कोई आपके सिस्टम में हार्डवेयर लगाना चाहे तो भी उसे एक्सेस डिनाइड मिले। इसके लिए क्या करना चाहिए?

कंप्यूटर सिक्युरिटी अपने आप में एक बहुत बड़ा विषय है। आप जो चाहते हैं, उसे करने के कई तरीके हैं। विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम भी हमें ऐसी सुविधा देता है, जिसमें हम यूजर को एक ऐडमिनिस्ट्रेटर या फिर स्टैंडर्ड यूजर डिफाइन कर सकते हैं। वैसे, विंडोज में बेसिक सिक्युरिटी हासिल करने के लिए काफी तकनीकी समझ की जरूरत है। इसलिए मेरी राय में आपको एक ऐसा एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करना चाहिए, जो full protection suite के साथ आता है। इस सॉफ्टवेयर में एक मेन्यू आता है। आप एक पासवर्ड के साथ इन सब सेटिंग्स को प्रोटेक्ट कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर mcafee security protective suite के access protection menu में antivirus standard protection और antivirus maximum protection जैसे मेन्यू हैं। ये बेसिक प्रोटेक्शन देने में काफी हद तक मददगार हो सकते हैं। हर एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर में प्रोटेक्शन का अलग तरीका है, इसलिए आप जो भी एंटीवायरस लें, उसके नियमों के मुताबिक उसे प्रोटेक्ट कर सकते हैं।

जब विंडोज को दोबारा इन्स्टॉल किया जाता है, तो इसके सभी इंटरनेट अपडेट्स, सिक्युरिटी अपडेट्स और विंडो अपडेट्स विंडोज ड्राइव से डिलीट हो जाते हैं। इन्हें कैसे बचाया जा सकता है?

इस समस्या का हल आप किसी भी डिस्क क्लोनिंग सॉफ्टपवेयर को यूज करके कर सकते हैं। Ghost एक डिस्क क्लोनिंग सॉफ्टवेयर है। यह आपकी हार्ड डिस्क की इमेज बनाकर उसकी एक फाइल बना देता है। आप जब भी अपने विंडोज के अपडेट्स लगाते हैं, तो इस सॉफ्टवेयर की मदद से अपनी हार्ड डिस्क की एक इमेज फाइल तैयार कर सकते हैं। जब आपका कंप्यूटर ठीकठाक काम कर रहा हो, उस वक्त इस सॉफ्टवेयर की मदद से हार्ड डिस्क की इमेज फाइल बनाकर रख लें। प्रॉब्लम आने पर आप इस इमेज फाइल की मदद से अपने पीसी को उसी अवस्था में ला सकते हैं, जिसमें यह फाइल बनाई थी।

मेरा पीसी 4 साल पुराना है। इसकी रैम 1 जीबी है, हार्ड डिस्क 80 जीबी है। इसमें विंडोज 7 इन्स्टॉल नहीं हो पा रही है। ऐसा क्यों है? एक पाठक

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके कंप्यूटर पर विंडोज 7 चलेगा या नहीं, तो इसका एक तरीका है। आप http://www.microsoft.com/windows/windows-7/get/upgrade-advisor.aspx पर जाएं। यहां आपको माइक्रोसॉफ्ट विंडोज अपग्रेड अडवाइजर के नाम से एक यूटिलिटी मिलेगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं। जब आप इसे अपने कंप्यूटर पर रन करेंगे तो वह आपको इसकी पूरी जानकारी देगा। आप इस जानकारी की मदद से अपने कंप्यूटर को अपग्रेड करवा सकते हैं। इस यूटिलिटी को रन करने से पहले अपने कंप्यूटर के साथ अटैच सभी peripherals जैसे प्रिंटर, यूएसबी ड्राइव या कैमरा आदि को ऑन कर दें।

अब नहीं होगा कंप्यूटर हैंग


कंप्यूटर हैंग होने के कई कारण हो सकते हैं। हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर में किसी खराबी के कारण कंप्यूटर हैंग हो सकता है।

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सबसे पहले अपने कंप्यूटर का पावर सोर्स चेक करवाएं। उसमें प्रॉपर अर्थिंग रहनी चाहिए।

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कंप्यूटर को किसी अच्छे ब्रैंड के UPS के जरिए लगाएं।

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कई बार धूल-मिट्टी फंस जाने से कंप्यूटर के पावर सप्लाई का फैन जाम हो जाता है जिससे सप्लाई गर्म होने के कारण आग लगने का खतरा हो जाता है। इसके अलावा कंप्यूटर की सर्विस करवाते रहें जिससे वह ठंडा रहेगा और सही काम करेगा।

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कंप्यूटर CPU कैबिनेट में मदरबोर्ड, RAM, और हार्ड डिस्क आदि होते हैं। कई बार RAM साकेट पर लूज हो जाता है। इसे किसी एक्सपर्ट से चेक कराकर फिर से साकेट में लगवा लें, साथ ही यह भी चेक करवा लें कि RAM चिप ठीक काम कर रहा हो नहीं तो इसे बदल दें। कई बार यह भी देखा गया है कि किसी वजह से कंप्यूटर प्रोसेसर का फैन बंद हो जाता है जिस कारण प्रोसेसर हीट-अप होने के बाद हैंग होने लगता

- हार्डवेयर के अलावा कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की वजह से भी हैंग होता है। इसके लिए आप अपने कंप्यूटर को ऑन करके जैसे ही विंडो स्क्रीन आने लगे F8 दबा दें। आपके सामने मेन्यू जाएगा, इस मेन्यू में आप सेफ मोड़ चुन लें। ऐसा करने से विंडो सेफ मोड़ में BOOT हो जाएगी।

- सेफ मोड़ में BOOT हो जाने पर पहले Start पर क्लिक करके Run में msconfig टाइप करें। आपके सामने System Configuration Utility Box खुल जाएगा, इसमें General Tab में Diagnostic Startup-Load basic device and drivers only पर क्लिक करके Ok दबाएं।

- कंप्यूटर को रीस्टार्ट कर लें। अब कंप्यूटर सिर्फ बेसिक सॉफ्टवेयर कंपोनेंट्स को ही लोड करेगा। इसके बाद कुछ देर तक अपना कंप्यूटर चलता रहने दें और चेक करें कि कंप्यूटर हैंग हो रहा है?

अगर अब भी आपका कंप्यूटर हैंग हो रहा हो तो अपने डाटा का बैकअप लें और कंप्यूटर में Windows OS दोबारा लोड करवा लें। लेकिन अगर ये बूट होने के बाद हैंग नहीं करता तो इसका मतलब है कि कोई सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन या सॉफ्टवेयर ड्राइवर ठीक से काम नहीं कर रहा है। इसे चेक करने के लिए आप किसी कंप्यूटर एक्सपर्ट की मदद लें। वह कंप्यूटर में लोड होने वाले सभी सॉफ्टवेयर ड्राइवर या एप्लिकेशन को चेक करके आपको बता देगा कि कौन-सा सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को हैंग कर रहा है।

बिना सॉफ्टवेयर बनाएं ऑफिस के डॉक्युमेंट




zoho.com

यह वेबसाइट उन लोगों के काफी काम की है जो माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, सॉफ्टवेयर के बिना ही सारे काम करना चाहते हैं। यहां बेहद उपयोगी ऑनलाइन ऑफिस सूट उपलब्ध है जो कभी भी, कहीं भी वर्ड प्रोसेसिंग, एक्सल, पावरप्वॉइंट और डेटाबेसेज आदि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस वेबसाइट को डिवेलप करने वाली जोहो कॉरपोरेशन एक भारतीय कंपनी है। जोहो पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं में वर्ड प्रोसेसर, शीट, रिपोर्ट्स, प्रोजेक्ट्स, प्लैनर, चैट, मेल आदि हैं।

साईट पे जाने के लिए यहाँ क्लिक करे

स्मार्ट टिप
अगर आप कोई नया डॉक्युमेंट बनाना चाहते हैं तो control+n दबाएं।

Tuesday, February 1, 2011

2010 को न ही याद करें तो बेहतर...


ऐसा क्या कुछ रहा साल 2010 में, जिसे आप वाकई याद करना चाहेंगे? जरा सोचिए, क्या थी बीते साल की वो बातें, जो आपके लिए एक सुखद अनुभव हो और उसकी चर्चा करके आप सुकून महसूस कर सकें. यकीनन जवाब 'नहीं' में ही होगा.

सच तो यह है कि हम-आप, हर कोई बीते साल को भूलना ही पसंद करेंगे. एक बुरे, डरावने सपने की तरह... बड़ी उम्मीदें थीं लोगों को इस साल से. बड़े सपने संजोए बैठे थे लोग सरकार से. यूपीए की दूसरी पारी के दूसरे साल में लग रहा था कि सब ठीक हो जायेगा. तमाम मुश्किलें दूर हो जाएंगी और आम आदमी की जिन्दगी पटरी पर बड़े ही आराम से चलेगी, लेकिन हुआ क्या? सारी उम्मीदें धरी की धरी रह गईं. सारे सपने चकनाचूर हो गए और हम एक निरीह, लाचार की तरह बस देखते रहे.

सबसे ज्यादा कहर तो ढाया महंगाई ने. रॉकेट की तरह चीजों के दाम बढ़ते चले गए. एक के बाद एक चीजें पहले तो रसोई से कम हुईं, फिर धीरे-धीरे गायब ही हो गईं. प्याज ने तो ऐसा रुलाया कि आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. टमाटर को छूने के लिए हाथ तरस गए. दाल तो और भी कमाल की निकली, थाली से बहकर मानो कहीं और चली गई हो. हम रोज जूझते रहे इससे निपटने के लिए, नजरें गडा़ए बैठे रहे रायसीना हिल्स की ओर, लेकिन...

बात यहीं तक रहती, तो कोई और बात होती, लेकिन महंगाई की मार के साथ-साथ घोटालों की मार भी हम पर पड़ने लगी. घोटालेबाजों की लम्बी-चौड़ी फ़ौज हम पर कहर बनकर टूट पड़ी. एक साथ कई तरफ़ से मार हम पर पड़ने लगी. हमारा पैसा नेताओं, अफसरों और दलालों की जेब में जाने लगा. ये करोड़ों-अरबों डकारकर बैठ गए. 2जी स्पेक्ट्रम से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे घोटालों की तो मानो बाढ़ ही आ गई. यही हाल सुरक्षा का भी रहा. अब तो आतंक के साए में हम जीने को मजबूर हो गए हैं.

कोई भी त्योहार हम सुकून से नहीं मना पाते, हर पल आतंकी हमले का साया मंडराते रहता है. बनारस हो या पुणे ब्लास्ट या फिर देश के कई इलाकों में हो रही नक्सली हिंसा. आप घर में हों या सफ़र में, दफ्तर में हों या थियेटर में, कहीं भी नहीं लगा होगा कि हम महफूज हैं. और तो और, हमारे सांसदों ने भी हमारा दिल ही दुखाया. हमारे करोड़ों रुपये हर रोज खर्च हो रहे थे, लेकिन एक दिन भी संसद ढंग से नहीं चली. काम की रत्ती भर भी चर्चा नहीं हुई. पूरा शीतकालीन सत्र हंगामे में ही निकल गया.

अब आप ही बताएं, आप ऐसे मनहूस साल को याद करना चाहेंगे? मेरा जवाब तो नहीं में है, लेकिन आप अपना जवाब तय कर लें. दुआ कीजिए कि 2011 ऐसा न हो, एक सुखद साल हो हम सबके लिए...2010 से बिलकुल उलट, बिलकुल अलग.

जीवन का सच


एक बार किसी गांव में एक महात्मा पधारे। उनसे मिलने पूरा गांव उमड़ पड़ा। गांव के हरेक व्यक्ति ने अपनी-अपनी जिज्ञासा उनके सामने रखी। एक व्यक्ति ने महात्मा से पूछा, 'महात्मा जी, ऐसा क्या करें, जिससे जीवन की सभी चिंताओं से मुक्ति मिल जाए और कोई भी काम अधूरा न रहे।' यह सुनकर महात्मा जी मुस्कराए, फिर उन्होंने कहा, 'पहले तुम मुझे कुछ जिंदा मेंढक लाकर दो, उसके बाद तुम्हारे इस सवाल का जवाब दूंगा।' यह सुनकर लोग चकराए।

लेकिन महात्मा जी का आदेश था, सो कुछ लोग जल्दी से तालाब पर पहंुचे और बड़ी मुश्किल से कुछ मेंढक पकड़ लाए। फिर महात्मा जी ने तराजू लाने को कहा। एक आदमी तराजू ले आया। महात्मा जी ने लोगों से कहा कि वे मेंढकों को तौलंे और उनका कुल वजन बताएं। यह कहकर महात्मा जी चले गए। उसी व्यक्ति ने मेंढकों को तौलना शुरू किया जिसने प्रश्न किया था। उसने ज्यों ही मेंढकों को पलड़े पर रखा, कभी एक मेंढक उछलकर भाग निकलता तो कभी दूसरा। फिर लोग उन्हें पकड़कर लाते और तराजू पर रख देते।

लेकिन उन्हें स्थिर रख पाना बेहद कठिन था। लोग दिन भर प्रयास करते रहे। शाम होने पर महात्मा जी फिर वहां पहुंचे। उन्होंने लोगों से यह काम बंद करने को कहा। सारे मंेढक भाग निकले। महात्मा जी ने कहा, 'जैसे इतने जिंदा मेंढकों को खुले तौर पर तौलना संभव नहीं, उसी प्रकार संसार में सब ठीकठाक करके निश्चिंत रहना संभव नहीं है। उद्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति और पराक्रम, इन सद्गुणों को जीवन में धारण करो और अपना दायित्व निभाओ।'

आपके कंप्यूटर की IP और अप कहा बैठे है